उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में होगा “किताब कौथिग“

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड के छोटे कस्बों और शहरों से शुरू होकर “किताब कौथिग अभियान“ रचनात्मकता का संदेश देते हुए देशभर में चर्चित हो गया है। “क्रिएटिव उत्तराखंड“ टीम ओर से 12 सफल आयोजनों के बाद अब पहली बार चमोली जिले में “गैरसैण किताब कौथिग“ आगामी पांच और छह अप्रैल को गैरसैण इंटर कालेज के मैदान में आयोजित किया जाएगा। दो साल से भी कम समय में टनकपुर, बैजनाथ, चंपावत, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, भीमताल, नानकमत्ता, हल्द्वानी, रानीखेत, नई टिहरी, पंतनगर में “किताब कौथिग“ आयोजित हुए हैं, जिनमें अब तक एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं।
गैरसैण नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहन भंडारी की पहल पर आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम की शुरुआत 31 मार्च को पांच दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला से हुई। बाल पत्रिका “बाल प्रहरी“ के संपादक उदय किरौला के निर्देशन में 10 स्कूलों के 150 से अधिक बच्चों ने रंगमंच, रचनात्मक लेखन, ओरिगैमी सहित अन्य गतिविधियों से सीखते हुए अपनी खुद की हस्तलिखित पुस्तक तैयार की। कार्यशाला में शामिल बच्चों की ओर से इन किताबों की प्रदर्शनी भी किताब कौथिग में लगाई जाएगी। किताब चार अप्रैल को शहर के विभिन्न स्कूलों में विशेषज्ञों द्वारा कैरियर काउंसिलिंग की जाएगी। मुख्य आयोजन के दौरान पांच व छह अप्रैल को 50 प्रकाशकों की लगभग 40 हजार पुस्तकें छूट के साथ खरीद के लिए उपलब्ध रहेंगी। साथ ही कार्यक्रम को बहुआयामी बनाने के लिए साहित्यिक परिचर्चा, पुस्तक विमोचन, विज्ञान और रंगमंच कार्यशाला, दूरबीनों से तारा अवलोकन, कवि सम्मेलन, नेचर वॉक, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल और प्रसिद्ध लेखकों से सीधी बातचीत करवाई जाएगी। चार अप्रैल को मुकुल बडोनी की ओर से वॉल पेंटिंग कार्यशाला और पांच अप्रैल को दीक्षा जोशी कठपुतली निर्माण की कार्यशाला करेंगी।
कार्यक्रम के संयोजक हेम पंत और बीएस बुटोला ने बताया कि पांच अप्रैल की शाम प्रसिद्ध कलाकारों की ओर से संगीत संध्या और छह अप्रैल को कवि सम्मेलन होगा। छह अप्रैल रविवार की सुबह नेचर वॉक के दौरान बर्ड वाचिंग की जाएगी। गैरसैण के सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र छात्राएं और साहित्यिक अभिरुचि के लोगों में “गैरसैण किताब कौथिग“ को लेकर काफी उत्साह है।