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सेवा इंटर नेशनल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित किया फ्यूंली कौथिग

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पोखरी/गोपेश्वर (चमोली)। सेवा इंटर नेशनल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पोखरी में फ्यूली कौथिग का आयोजन किया। इस दौरान सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। पोखरी गोल बाजार में सेवा इंटर नेशनल ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर फ्यूंली कौथिग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि बदरीनाथ के विधायक  लखपत बुटोला, ब्लॉक प्रमुख राजी देवी और जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया।

विधायक बुटोला ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है।   महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित होता है। आज समाज जैसे विकसित हो रहा है वैसे-वैसे अन्धविश्वास बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा शिक्षित बनेंगे तो अन्धविश्वास से दूर रहेंगे। यह मातृशक्ति के माध्यम ही संभव है। महिलाओं की ताकत से देश विकसित हो सकता है। कहा कि मौजूदा दौर में महिलाएं समाज में नशे के विरूद्ध खड़ी होकर गांव-गांव में जागरूकता फैला रही है। जो एक सराहनीय पहल है। इस दौरान नैल, जौरासी, सौडामंगरा श्रीगढ समेत तमाम ग्राम पंचायतों की महिलाओं ने प्रतिभाग कर भैरव नृत्य, आछरी जागर, मांगलिक गीतों, झुमेलों नृत्य के रंगारंग सांस्कृतिक, धार्मिक, लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में सेवा इंटर की ब्लॉक कोर्डिनेटर लता बत्र्वाल ने सेवा इंटर नेशनल की ओर से किए जा रहे  स्वस्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी समेत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर जेष्ठ प्रमुख ऊष्षा देवी, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा, दिव्या भारती, लता बत्र्वाल, गिरीश सती, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रवींद्र सिंह, उपेन्द्र सती, बीरेंद्र पाल भंडारी, श्रवण सती आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय जानवदी महिला समिति (एडवा) ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एडवा गांव इकाई दुर्गापुर बौला में महिला दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की।

इस मौके पर देश में महिलाओं की बदहाल स्थिति, नारी समता-समानता और महिला अधिकारों के सवाल पर चर्चा की गई और भविष्य में महिलाओं के जनवादी आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया। इस दौरान दुर्गापुर की अंजू देवी, रुक्मणी देवी, राधा, सुमित्रा, बीना देवी, सुलोचना, रीना देवी, देवेश्वरी देवी, सुलोचना, ममता  आदि मौजूद रहे।