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डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने दूरस्थ क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण, शंकरपुर में लगाई चौपाल, राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय और अदालीखाल पंपिंग योजना की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, जन समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

by hssamachar
  • शंकरपुर चौपाल में जिलाधिकारी ने परखी विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति, पेयजल एवं सड़क व्यवस्थाओं के सुधार को दिए निर्देश
  • राष्ट्रीय राजमार्ग खंड कार्यालय और अदालीखाल पंपिंग योजना का किया निरीक्षण, जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहा फोकस

पौड़ी : जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में जनसुविधाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शंकरपुर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण किया। राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज शंकरपुर में उन्होंने चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट कार्यालय तथा अदालीखाल पंपिंग योजना का निरीक्षण कर सड़क एवं पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान तथा विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने नैनीडांडा में अधूरे पड़े मिनी स्टेडियम का मामला उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत नहीं होती है तो प्रस्ताव जिला स्तर पर प्रेषित किया जाए ताकि निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा सके। क्षेत्र की लगभग 20 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या पर उन्होंने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर प्रभावी समाधान निकालने की बात कही।

वन्यजीवों के बढ़ते खतरे के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है तथा गुलदार की गतिविधियों वाले स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे। चौपाल में कमेड़ा पंपिंग योजना, बिना जलापूर्ति के निर्मित टंकियों तथा स्टैंडपोस्टों से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। जिलाधिकारी ने इन मामलों की जांच कराने के निर्देश देते हुए अधिशासी अभियंता को क्षेत्र में रुककर स्थलीय निरीक्षण करने तथा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। गौला मल्ला, क्यार्की मल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायतों पर उन्होंने जल निगम एवं जल संस्थान को संयुक्त निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सड़क मार्गों पर पड़े मलबे की शिकायत पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को जेसीबी लगाकर मार्गों को सुचारु रखने के निर्देश दिए। मनरेगा जॉब कार्ड काटे जाने की शिकायत पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामसभा के प्रस्ताव के बिना किसी का जॉब कार्ड नहीं काटा जा सकता तथा ऐसा मामला मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, पेड़ों पर टूटे विद्युत तारों से करंट आने की शिकायत पर संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

विद्यालय में बालिका शौचालय निर्माण एवं भवन मरम्मत की मांग पर जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। शंकरपुर क्षेत्र में पेयजल कनेक्शन काटे जाने और जलापूर्ति बाधित होने की शिकायत मिलने पर उन्होंने चौपाल के बाद स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

चौपाल में प्राप्त शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धुमाकोट-रामनगर मोटर मार्ग सहित विभिन्न सड़कों की स्थिति एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिशासी अभियंता से सड़कों के रखरखाव, उपलब्ध मानव संसाधन तथा बजट व्यय की जानकारी लेते हुए विस्तृत लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में सभी मोटर मार्गों को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा मार्गों पर मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अदालीखाल पंपिंग योजना का स्थलीय निरीक्षण कर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि इस योजना से 11 गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है तथा देवलगढ़ गदेरे से प्राप्त जल का शोधन कर विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है। जिलाधिकारी ने योजना में कार्यरत फिटर एवं वाल्व ऑपरेटरों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली तथा पेयजल आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया को समझा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित केमिकल ट्रीटमेंट, सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने योजना की क्षमता का परीक्षण कर संचालन व्यवस्था की समीक्षा की तथा कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, डीडीओ मनविंदर कौर, डीएसटीओ राम सलोने, एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला, बीडीओ प्रमोद चंद्र पांडेय सहित सभी अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।